1500 ट्रकों का कारोबार, GST की ताबड़तोड़ जांच और कांग्रेस नेताओं से नजदीकी… इंद्रजीत सिंह छोटू पर एक्शन के बाद क्यों गरमाई सियासत?
भिलाई/दुर्ग। हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) से जुड़े भिलाई और बलौदाबाजार स्थित ठिकानों पर राज्य जीएसटी विभाग की एक साथ कार्रवाई के बाद ट्रांसपोर्ट और कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई है। स्टेट जीएसटी दुर्ग की टीम ने सोमवार को हैवी इंडस्ट्रियल एरिया, हथखोज स्थित इंद्रजीत सिंह छोटू हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के परिसर सहित अन्य ठिकानों पर पहुंचकर देर रात तक कारोबारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की।
हालांकि, जीएसटी विभाग ने फिलहाल किसी तरह की टैक्स चोरी या वित्तीय अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में जांच पूरी होने और विभागीय निष्कर्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक वजह और संभावित देनदारी की तस्वीर साफ होगी। लेकिन इस कार्रवाई ने कारोबारी जांच के साथ-साथ इंद्रजीत सिंह छोटू के राजनीतिक संपर्कों को लेकर भी चर्चाओं को हवा दे दी है।
कांग्रेस नेताओं के साथ नजर आने से राजनीतिक एंगल की चर्चा
इंद्रजीत सिंह छोटू पिछले कुछ समय से सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों में भी नजर आते रहे हैं। खासकर कांग्रेस से जुड़े नेताओं के साथ उनकी लगातार मौजूदगी को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा होती रही है।
इसी वजह से जीएसटी की कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय सियासी गलियारों में इसे राजनीतिक नजरिए से भी देखा जाने लगा है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें या सार्वजनिक मौजूदगी अपने आप में किसी राजनीतिक संबंध या जीएसटी कार्रवाई के कारण को साबित नहीं करती।
इसलिए फिलहाल राजनीतिक कनेक्शन को लेकर उठ रही चर्चाओं को केवल सियासी अटकल और स्थानीय स्तर पर हो रही चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
1500 से ज्यादा ट्रकों के कारोबार का हिसाब खंगाल रही टीम
जीएसटी अधिकारियों की जांच का मुख्य फोकस कंपनी के परिवहन कारोबार से जुड़े दस्तावेजों पर बताया जा रहा है। टीम बिल, टैक्स इनवॉयस, ई-वे बिल, वाहनों के संचालन, भुगतान और लेखा रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।
कंपनी के परिवहन कारोबार में 1,500 से अधिक ट्रकों के संचालन की जानकारी सामने आने के बाद अधिकारियों की नजर वाहनों की आवाजाही, बिलिंग और ई-वे बिल में दर्ज विवरण के बीच तालमेल पर है।
जांच टीम यह भी देख रही है कि वाहनों की संख्या, उनके पंजीयन, वास्तविक संचालन और कंपनी द्वारा दर्शाए गए कारोबार के आंकड़ों में कोई अंतर तो नहीं है।
शिकायतों के आधार पर जांच की बात
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कंपनी के खिलाफ टैक्स चोरी से संबंधित शिकायतें विभाग तक पहुंची थीं। शिकायतों में कारोबार की तुलना में कम टैक्स जमा करने और नुकसान दिखाए जाने जैसे आरोप लगाए जाने की बात कही जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी या कर संबंधी अनियमितता सामने आती है या नहीं।
बोगस बिलिंग और कैश लेन-देन के दावों की भी जांच
कार्रवाई के दौरान बोगस बिलिंग, कथित कच्चे लेन-देन और कैश कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने कारोबारी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया है।
यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर वास्तविक कारोबार तथा संभावित कर देनदारी का आकलन किया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में भी जीएसटी विभाग की ओर से कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कई संस्थाओं में जिम्मेदारी संभालते हैं इंद्रजीत सिंह
इंद्रजीत सिंह छोटू का नाम सिर्फ ट्रांसपोर्ट कारोबार तक सीमित नहीं है। वे विभिन्न सामाजिक और खेल संगठनों से भी जुड़े हुए बताए जाते हैं।
जानकारी के अनुसार वे हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) और SBS हॉस्पिटल भिलाई में निदेशक हैं। इसके अलावा भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन, यूथ सिख सेवा समिति भिलाई, सर्व समाज कल्याण समिति तथा न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ जैसी संस्थाओं में अध्यक्ष या पदाधिकारी की भूमिका निभाते हैं।
इसी सामाजिक सक्रियता और राजनीतिक नेताओं के साथ सार्वजनिक मौजूदगी के कारण कार्रवाई के बाद उनके सियासी संपर्कों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कारोबार बड़ा, इसलिए जांच का दायरा भी बड़ा
HTC का कारोबार छत्तीसगढ़ की औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों तक फैला बताया जाता है। कंपनी के बेड़े में ट्रक, डंपर और बड़े ट्रेलर शामिल हैं।
ऐसे में जीएसटी विभाग के लिए वाहनों की संख्या, उनके संचालन, ई-वे बिल, बिलिंग और कंपनी के घोषित कारोबार के बीच मिलान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में दो तस्वीरें सामने हैं—एक तरफ बड़े कारोबारी नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर जीएसटी की जांच, दूसरी तरफ इंद्रजीत सिंह छोटू की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता को लेकर उठ रही चर्चाएं।
लेकिन दोनों को जोड़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। जीएसटी जांच की अंतिम रिपोर्ट और विभाग की आधिकारिक कार्रवाई ही बताएगी कि वास्तव में टैक्स संबंधी कोई अनियमितता मिली या नहीं। साथ ही यह भी देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस कार्रवाई को लेकर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

